स्कूल जाने का रास्ता बना मुसीबत, छात्रों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार

मुरैना। जिले के पोरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत कीचौल के गुमानपुरा गांव के 20 से 25 छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर गांव से स्कूल तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की।

बारिश में रास्ता बन जाता है दलदल

छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल जाने वाले मार्ग पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है और पूरा रास्ता दलदल में बदल जाता है। ऐसे में रोजाना स्कूल पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि खराब रास्ते की वजह से उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों को भी होती है परेशानी

बच्चों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। इससे नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है और विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई महीनों से सरपंच और पंचायत सचिव के सामने शिकायत रखी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव से स्कूल तक जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

कैलारस में भी विकास कार्यों पर उठे सवाल

इधर, मुरैना जिले की जनपद पंचायत कैलारस के ग्राम पंचायत आंतरी के वार्ड क्रमांक 6, 7 और 8 में हाल ही में बनी सीसी सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले बनी सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है।

जांच और मरम्मत की उठी मांग

ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से क्षतिग्रस्त सड़क की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के साथ सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में राहत मिलेगी।

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