
जबलपुर : पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे की भारी खेप पकड़ी है। पार्सल कंटेनर की आड़ में तस्करी किया जा रहा 871 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई है। क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे-30 पर मुस्कुरा गांव के पास घेराबंदी कर कंटेनर को पकड़ा।
ट्रक मालिक ही कर रहा था गांजे की तस्करी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंटेनर में सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कंटेनर चालक ही वाहन का मालिक है और कई शहरों में गांजे की सप्लाई करते हुए जबलपुर से गुजर रहा था। पुलिस को मुखबिर से कंटेनर में गांजे की बड़ी खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच, नारकोटिक्स टीम और गोसलपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
पुलिस को देखकर तेज की रफ्तार, घेराबंदी कर रोका कंटेनर
सूचना के आधार पर पुलिस ने नेशनल हाईवे-30 पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान कटनी की ओर से आ रहे संदिग्ध कंटेनर को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस की घेराबंदी देखकर चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी, लेकिन टीम ने रास्ता रोककर कंटेनर को पकड़ लिया।वाहन रुकने के बाद चालक और उसका साथी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम धर्मवीर सिंह बताया। वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। दूसरे आरोपी की पहचान विक्रम के रूप में हुई है।
पेंट के डिब्बों के बीच छिपाकर रखी थी गांजे की बोरियां
पुलिस के मुताबिक, कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें पेंट के 412 डिब्बे मिले। इनके बीच 28 बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था। पूछताछ में धर्मवीर सिंह ने बताया कि कंटेनर उसका अपना है। वह विशाखापट्टनम से माल लोड कर अंबाला के लिए निकला था।उसके अनुसार, रास्ते में उसकी मुलाकात ओडिशा निवासी प्रभात साहू से हुई थी। प्रभात ने कंटेनर में गांजा लोड कराया और मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इसकी सप्लाई करने की बात कही। इस काम के बदले धर्मवीर को एक लाख रुपये मिलने थे।
पांच दिन की पुलिस रिमांड पर दोनों आरोपी
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे गांजे की खेप के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और संभावित खरीदारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मध्य प्रदेश के किन शहरों में पहुंचाया जाना था और इससे पहले कितनी खेप सप्लाई की जा चुकी है।











