

अम्बिकेश गुप्ता
बलरामपुर / कुसमी। वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लिए पूर्व में लागू विशेष प्रावधानों का उल्लेख नहीं होने पर पहाड़ी कोरवा एवं पण्डो समाज सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज कल्याण समिति, जिला बलरामपुर के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारियों एवं अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम अपर कलेक्टर बलरामपुर - रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपकर पूर्ववत व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
समिति के संस्थापक राजू राम हंसदा के नेतृत्व में बलरामपुर - रामानुजगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि पूर्व की सहायक शिक्षक भर्ती में "विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह" वर्ग के लिए पृथक प्रावधान एवं विकल्प उपलब्ध था, जबकि वर्तमान भर्ती विज्ञापन 2026 में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इससे विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध अवसर प्रभावित होने की आशंका है और बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं।
समाज का कहना है कि पहाड़ी कोरवा, बैगा, अबुझमाड़िया, कमार, बिरहोर, भुजिया एवं पण्डो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत पिछड़ी हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विशेष रियायतें और संरक्षण प्रदान किए जाते रहे हैं। इसलिए सहायक शिक्षक भर्ती में भी पूर्ववत विशेष प्रावधान जारी रखा जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत "विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह" समुदाय के लिए पूर्व की भांति 20 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएं। साथ ही वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में उक्त वर्ग के अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी), डीएलएड एवं बीएड की अनिवार्यता से छूट देकर नियुक्ति प्रदान की जाए तथा नियुक्ति के बाद पांच वर्षों के भीतर आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी योग्यता पूर्ण करने का अवसर दिया जाए।
समाज ने पूर्व में भर्ती हुए लगभग 300 से 500 " विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह" वर्ग के सहायक शिक्षकों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि जिन शिक्षकों को विभाग द्वारा डीएलएड प्रशिक्षण कराया जा चुका है अथवा जिन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है, उन्हें केवल 12वीं कक्षा में निर्धारित प्रतिशत कम होने के आधार पर अप्रशिक्षित मानना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित मानते हुए उनके हितों की रक्षा की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर प्रधानमंत्री जन-मन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करने की भी मांग की।
समिति के संस्थापक राजू राम हंसदा ने कहा कि यदि सरकार द्वारा पूर्ववत प्रावधान बहाल नहीं किए गए तो विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष बांसदेव राम, जिला सचिव अर्जून राम, जिला संरक्षक एवं कुसमी ब्लॉक अध्यक्ष देवनाथ राम, जिला सह सचिव रविन्द्र कुमार, जिला संयोजक राजेन्द्र कुमार, जिला कोषाध्यक्ष खेलन राम, जिला मीडिया प्रभारी बिगना राम, कुसमी ब्लॉक सह सचिव कमलप्रसाद, कुसमी ब्लॉक कोषाध्यक्ष बासुदेव राम, शंकरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर राम, बलरामपुर ब्लॉक अध्यक्ष जगेश्वर राम, रंजीत राम, धनुकलाल, सूरजदेव पण्डो सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, अभ्यर्थी एवं सदस्य उपस्थित रहे।











