सूरजपुर:शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम के अनुसार एसईसी (कुशलता संवर्धन पाठ्यक्रम) के अंतर्गत पौधों से सजावट करने की विभिन्न विधियों का अध्ययन किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट का मूल्यांकन आज दिनांक 6 मई 2026 को संपन्न हुआ।
 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनिवार्य है एसईसी पाठ्यक्रम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रत्येक सम संख्या के सेमेस्टर में विद्यार्थियों को कुशलता संवर्धन पाठ्यक्रम (एसईसी) के रूप में एक विषय का अध्ययन करना अनिवार्य है। इसी क्रम में चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने "फ्लोरीकल्चर एवं गार्डनिंग" विषय पर फूलों एवं पौधों से सजावट करने की कला का गहन अध्ययन किया।

विद्यार्थियों ने तैयार किए सजावटी प्रारूप

अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सजावटी पौधों को गमलों में रोपित किया तथा उन पौधों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के सजावट प्रारूपों का निर्माण किया। विद्यार्थियों द्वारा अपनी रचनात्मकता एवं तकनीकी ज्ञान का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए आकर्षक सजावटी कृतियां प्रस्तुत की गईं, जिनका विधिवत मूल्यांकन किया गया।

वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा कराया गया अध्यापन

यह विषय महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा अध्यापन कराया जा रहा है। विभाग अध्यक्ष  टी. आर. राहंगडाले तथा अतिथि व्याख्याता डॉ. सुप्रिया तिवारी एवं  उज्जैनी किशोर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने इस व्यावहारिक पाठ्यक्रम का अध्ययन पूर्ण किया। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

विद्यार्थियों ने लिया पौधों की देखरेख का संकल्प

विद्यार्थियों द्वारा रोपित पौधों की देखभाल निरंतर की जा रही है। विद्यार्थियों ने अध्यापन पूर्ण होने तक पौधों की देखरेख करने का संकल्प भी लिया है, जिससे महाविद्यालय परिसर हरा-भरा एवं सुसज्जित बना रहेगा।

प्राचार्य डॉ. दुबे ने दी शुभकामनाएं

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच. एन. दुबे ने विद्यार्थियों द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से आने वाले विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी तथा महाविद्यालय परिसर में विभिन्न सजावटी पौधों को सजाकर रखा जा सकेगा।उन्होंने यह भी कहा कि यह कुशलता संवर्धन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य में आर्थिक उपार्जन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा एवं उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!