मध्य प्रदेश: आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब प्रदेश की हर शराब दुकान पर QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम का मकसद ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को खत्म करना और तय कीमत पर बिक्री सुनिश्चित करना है।

एक स्कैन में खुलेगी पूरी रेट लिस्ट, ग्राहक खुद करेगा जांच

नई व्यवस्था के तहत दुकानों पर ई आबकारी पोर्टल से जारी QR कोड लगाए जाएंगे। ग्राहक जैसे ही अपने मोबाइल से कोड स्कैन करेंगे, उनके सामने संबंधित जिले की अधिकृत रेट लिस्ट खुल जाएगी। इससे उन्हें तुरंत पता चल जाएगा कि उनसे ली जा रही कीमत सही है या नहीं।

ज्यादा कीमत वसूली पर सख्त कार्रवाई, लाइसेंस तक होगा रद्द

आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि तय दर से अधिक पैसे लेने पर दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में सीधे लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। इस निर्देश के बाद दुकानदारों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

हर दुकान पर लगेंगे पांच QR कोड, आसानी से दिखना होगा जरूरी

विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शराब दुकान पर कम से कम पांच QR कोड लगाए जाएं, ताकि ग्राहक किसी भी जगह से उन्हें आसानी से स्कैन कर सकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोड सुरक्षित और साफ दिखाई देने वाली जगह पर ही लगाए जाएं।

10 दिन का विशेष अभियान, हर जिले से मांगी जाएगी रिपोर्ट

इस नई व्यवस्था की निगरानी के लिए विभाग ने विशेष अभियान भी शुरू किया है। 28 अप्रैल से 7 मई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सभी दुकानों की जांच की जाएगी। इसके बाद हर जिले को अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी।

ग्राहकों के लिए राहत, अब नहीं चलेगी दुकानदारों की मनमानी

यह पहल ग्राहकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। अब कोई भी व्यक्ति बिना झिझक अपनी खरीदी की कीमत को जांच सकेगा और गलत वसूली होने पर शिकायत भी कर पाएगा। यह कदम शराब बिक्री में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!