कलेक्टर ने दिए थे निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन के निर्देश, फिर भी सड़कों पर झुंड; लोगों ने उठाए सवाल

बलरामपुर/ राजपुर। नगर पंचायत राजपुर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का बढ़ता जमावड़ा आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। नगर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर मवेशी झुंड बनाकर बैठे रहते हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई बार मवेशी अचानक सड़क पर दौड़ पड़ते हैं या वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और नगर पंचायत को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

बरसात के मौसम में सड़कें फिसलन भरी होने के कारण खतरा और बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों तथा रात के समय आवागमन करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा मवेशियों को सड़कों से नहीं हटाया गया तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

नगरवासियों ने जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत से मांग की है कि आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, उन्हें सुरक्षित गौशालाओं या निर्धारित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि नगर की यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

कलेक्टर ने जारी किए थे स्पष्ट निर्देश

उल्लेखनीय है कि 8 जुलाई 2026 को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, बलरामपुर-रामानुजगंज ने शासन की "गौधाम योजना" के तहत जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा नगर पालिका/नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। आदेश में निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं का टैगिंग एवं चिन्हांकन, उन्हें निकटतम स्वीकृत गौधाम में स्थानांतरित करने, पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण तथा गौधामों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद भी विभाग मौन बैठा हुआ है।

इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह ने बताया कि कुछ माह पूर्व शासन से काऊ कैचर की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इसकी उपलब्धता नहीं हो सकी है। इसी वजह से आवारा मवेशियों को संगठित रूप से पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने में कठिनाई हो रही है।उन्होंने कहा कि नगर पंचायत पशुपालकों से संपर्क कर उनके मवेशियों का चिन्हांकन कराएगी, ताकि मालिकों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। वहीं, जो मवेशी वास्तव में आवारा हैं, उन्हें पकड़कर गौशाला भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी।

समाचार के संबंध में नगर पंचायत राजपुर के सीएमओ रविन्द्र लाल से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!