
अंबिकापुर: राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर महाविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के 40 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने अपने भाषणों के माध्यम से विकसित, आत्मनिर्भर, समतामूलक, सशक्त और संवेदनशील भारत की अपनी कल्पना प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, युवाओं की भूमिका, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विचार रखे।भाषणों में विद्यार्थियों ने भारत की वर्तमान उपलब्धियों के साथ भविष्य की चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर भी प्रकाश डाला। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक चिंतन, नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. तरुण कुमार राय, सहायक प्राध्यापक, विधि विभाग, विनीत कुमार गुप्ता, सहायक अध्यापक, राजनीति विज्ञान विभाग तथा दीपिका स्वर्णकार, सहायक अध्यापक, भूगोल विभाग शामिल रहे। निर्णायकों ने विषय-वस्तु ज्ञान, अभिव्यक्ति क्षमता, भाषण शैली, तार्किकता, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण के आधार पर प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. कुलदीप चतुर्वेदी, सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान, पूनम सोनवानी, सहायक प्राध्यापक, विधि, मोहन कश्यप, सहायक अध्यापक, विधि, विक्टर खड़ा, सहायक अध्यापक, इतिहास तथा गोविंद प्रसाद, प्राध्यापक, भौतिकी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।कार्यक्रम का संचालन पूनम सोनवानी एवं डॉ. कुलदीप चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। समापन अवसर पर निर्णायकों ने प्रतिभागियों के भाषणों की समीक्षा करते हुए उनके प्रयास और प्रस्तुतीकरण की सराहना की। साथ ही विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, चिंतन और सामाजिक सरोकारों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।अंत में डॉ. कुलदीप चतुर्वेदी ने निर्णायक मंडल, आयोजन समिति, महाविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं प्रतियोगिता में शामिल सभी छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




















