
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की अगुवाई करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ प्रदर्शन का दबाव भी बढ़ जाता है। कप्तान को जहां मैदान पर टीम को जीत दिलानी होती है, वहीं अपने बल्ले से भी लगातार योगदान देना पड़ता है। भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर इन दिनों कुछ ऐसी ही चुनौती से गुजर रहे हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम ने कप्तान के तौर पर अय्यर के नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, व्यक्तिगत बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। लगातार कम रन बनाने के कारण अब उनकी कप्तानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या श्रेयस अय्यर भी पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव जैसी स्थिति में पहुंच सकते हैं?
क्या सूर्यकुमार यादव की तरह श्रेयस अय्यर पर भी बढ़ रहा है दबाव?
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने अब तक 24 मुकाबले खेले हैं। इनमें से 14 मैचों में भारत को जीत मिली, जबकि 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। दो मैचों का कोई नतीजा नहीं निकल सका।कप्तानी की शुरुआत में भारत को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि, इसके बाद टीम ने वापसी करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया।दूसरी तरफ अय्यर का व्यक्तिगत प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। इससे पहले सूर्यकुमार यादव को भी कप्तानी के दौरान इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा था। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम लगातार सीरीज जीत रही थी, लेकिन बल्लेबाजी में अपेक्षित निरंतरता नहीं रहने के कारण उनकी कप्तानी पर सवाल उठे। बाद में उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाकर श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया।अब अय्यर के प्रदर्शन में भी गिरावट दिखाई दे रही है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या उनके साथ भी ऐसा ही फैसला लिया जा सकता है?
कप्तानी के बाद बल्लेबाजी में संघर्ष कर रहे अय्यर
श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद उनके बल्ले से निकलने वाले रनों पर नजर डालें तो प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव साफ दिखाई देता है।आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में वह केवल 13 रन बना सके थे। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा। पांच मुकाबलों में उन्होंने 54.5 की औसत से 218 रन बनाए थे।इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों में उनके बल्ले से 80 रन निकले। वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबलों में वह केवल 48 रन ही बना सके।वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में अय्यर ने 181 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी में सुधार के संकेत दिए थे। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन एक बार फिर कमजोर नजर आया। कीवी टीम के खिलाफ चार पारियों में वह केवल 76 रन बना सके।
25 मुकाबलों में 666 रन, सूर्यकुमार यादव से तुलना क्यों?
कप्तानी मिलने के बाद श्रेयस अय्यर ने 25 मुकाबलों में कुल 666 रन बनाए हैं। दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए 52 मैचों की 49 पारियों में 1,232 रन बनाए थे।दोनों खिलाड़ियों के आंकड़ों की तुलना के बाद अय्यर के व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने के बाद टीम से भी बाहर होना पड़ा था। ऐसे में अय्यर के सामने अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता लाने की चुनौती है।
क्या खतरे में पड़ सकती है श्रेयस अय्यर की कप्तानी?
श्रेयस अय्यर के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती टीम की जीत के साथ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी बेहतर बनाए रखने की है। कप्तान के रूप में टीम का प्रदर्शन अच्छा होना उनके पक्ष में जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक जिम्मेदारी बनाए रखने के लिए बल्लेबाजी में निरंतरता भी जरूरी है।अगर आने वाले मुकाबलों में अय्यर के बल्ले से बड़े स्कोर नहीं निकलते हैं तो उनकी कप्तानी को लेकर अटकलें और तेज हो सकती हैं। हालांकि, फिलहाल कप्तानी में बदलाव को लेकर किसी आधिकारिक फैसले की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि श्रेयस अय्यर आगामी मैचों में अपने प्रदर्शन से आलोचकों को कितना जवाब दे पाते हैं।











