

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में विकसित सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश में सरकारी सेवाओं की आसान, पारदर्शी और समयबद्ध उपलब्धता का प्रमुख माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप तैयार इस प्लेटफॉर्म के जरिए अब नागरिकों को अधिकांश शासकीय सेवाएं ऑनलाइन मिल रही हैं, जिससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी हद तक समाप्त हो गई है।
ई-डिस्ट्रिक्ट से आगे बढ़कर बना व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म
पहले ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन नागरिकों की जरूरतों को देखते हुए इसका विस्तार कर सेवा सेतु पोर्टल विकसित किया गया। वर्तमान में यह पोर्टल 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध करा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के जरिए आवेदन करने, आवेदन की स्थिति जानने और तय समय में सेवाओं का लाभ लेने में सक्षम हैं।
प्रमाण पत्र से लेकर व्यापार लाइसेंस तक ऑनलाइन सुविधा
सेवा सेतु पोर्टल पर व्यवसाय और उद्योग से जुड़ी 106, लाइसेंस एवं नियामकीय 85, सामाजिक कल्याण और पेंशन 65, शिक्षा एवं छात्रवृत्ति 58, भूमि एवं राजस्व 37 तथा पहचान और प्रमाण पत्र से संबंधित 35 सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा जाति, आय, निवास, विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, नाम परिवर्तन और व्यापार लाइसेंस जैसी कई महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं भी इसी मंच पर उपलब्ध हैं।
गांवों तक पहुंच रही डिजिटल व्यवस्था
राज्य सरकार ने सेवा सेतु की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने के लिए पंचायत सचिवों, सेवा केंद्र संचालकों और विभागीय कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण देना शुरू किया है। पंचायत स्तर पर सेवा सेतु केंद्रों को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ गांवों के लोगों को भी आसानी से शासकीय सेवाएं मिल सकें।
39 लाख से अधिक आवेदनों का हुआ निराकरण
सेवा सेतु पोर्टल की सफलता का अंदाजा इसके उपयोग से लगाया जा सकता है। अब तक इस पोर्टल पर 39 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 95.9 प्रतिशत मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। प्रदेशभर में 16,700 से अधिक सेवा केंद्र नागरिकों की सुविधा के लिए संचालित हैं।
धमतरी की लोमेश्वरी को घर बैठे मिला जाति प्रमाण पत्र
धमतरी जिले की कुरूद तहसील के ग्राम करेली निवासी कु. लोमेश्वरी साहू ने सेवा सेतु के माध्यम से घर बैठे जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित समय में उनका प्रमाण पत्र जारी हो गया। उनका कहना है कि पहले तहसील कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि अब पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो गई है।
दुर्ग में ऑनलाइन जारी हुए सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र
दुर्ग जिले के ग्राम बोरई में दो हितग्राहियों जय ठाकुर और यमुना ठाकुर को अनुसूचित जनजाति (गोंड) का सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किया गया। बिना कार्यालय पहुंचे डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र मिलने से सेवा सेतु की प्रभावी कार्यप्रणाली सामने आई।
कोरबा में एक सप्ताह में मिला निवास प्रमाण पत्र
कोरबा जिले के ग्राम सुतर्रा निवासी कुमारी निधि सेन ने सेवा सेतु के जरिए निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें मात्र एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र मिल गया। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध रही।
सक्ती में छात्रा को समय पर मिले जरूरी प्रमाण पत्र
सक्ती जिले के ग्राम कुम्हारीपठान निवासी राज कुमार सिदार ने अपनी पुत्री गीतांजली के लिए जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से बनवाए। तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो गए, जिससे छात्रा को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली। परिवार ने इस पहल को आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।











