

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को नई गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नक्सलमुक्त घोषित गांवों के समग्र विकास के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। इसके तहत चयनित प्रत्येक गांव को विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
पहले चरण में बस्तर संभाग के 50 गांवों का चयन
योजना के पहले चरण में बस्तर संभाग के 50 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें सुकमा जिले के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को इन गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
15 अगस्त को नक्सलमुक्त गांवों में फहराया जाएगा तिरंगा
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सलमुक्त गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। उनका कहना है कि यह पहल गांवों में राष्ट्रीय एकता, जनभागीदारी और शासन के प्रति विश्वास को मजबूत करने का संदेश देगी।
कम गंभीर मामलों वाले बंदियों की होगी समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि नक्सल मामलों में जेल में बंद ऐसे आरोपियों की समीक्षा की जाएगी, जिनके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज नहीं हैं। विधिक प्रक्रिया के तहत पात्र मामलों में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
नक्सल पीड़ित परिवारों को मिलेगा आवास, शहीदों की स्मृति में बनेंगे स्मारक
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नक्सल हिंसा से प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां स्मारकों का निर्माण किया जाएगा, ताकि शहीदों और हिंसा से प्रभावित लोगों की स्मृति को सम्मानपूर्वक संरक्षित किया जा सके।











