

सूरजपुर: महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सूरजपुर की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभा कक्ष, सूरजपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष चंन्द्रमणि पैकरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेन्द्र सिंह पाटले जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, मिशन शक्ति, पोषण अभियान, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, आंगनबाड़ी सेवाएं तथा अन्य विभागीय योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पैकरा ने जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रो के गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग करने, पोषण संबंधी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ शासन की योजनाओं का पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में सभी परियोजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति, हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, पोषण ट्रैकर एप में नियमित एवं त्रुटिरहित प्रविष्टि तथा योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर नियमित भ्रमण कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में विभागीय अधिकारियों एवं परियोजना स्तर के अधिकारियों से योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेकर उनके निराकरण हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश प्रदान किया गया। बैठक में समन्वित प्रयासों के साथ विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा गया। समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाए। पोषण ट्रैकर एप में नियमित एवं त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि, आंगनबाड़ी केन्द्रों का सतत निरीक्षण, कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती तथा धात्री माताओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक नियमित क्षेत्र भ्रमण कर आंगनबाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों का निरीक्षण करें, आवश्यक अभिलेखों का संधारण सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि या लंबित प्रकरण का त्वरित निराकरण करें। सभी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने तथा सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।बैठक में विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता बढ़ाने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर पर समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा, समयबद्ध प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा शासन द्वारा निर्धारित संकेतकों के अनुरूप कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में विभिन्न विभागों एवं समुदाय की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है तथा इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।विशेषज्ञों द्वारा बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई, विभागों के मध्य समन्वय तथा समुदाय स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने तथा लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प भी लिया।महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना प्राप्त हो तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासन, पुलिस अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।बैठक के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी एवं जनहितकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। बैठक में विभागीय अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं जिले के समस्त पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।











