

बलरामपुर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। जिले के विभिन्न उल्लास केंद्रों में अनुदेशक नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर शिक्षार्थियों को पढ़ना-लिखना, हस्ताक्षर करना तथा बुनियादी गणना का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इससे असाक्षर नागरिकों को ज्ञान से जुड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने जीवन को नई दिशा देने का अवसर मिल रहा है।इसी कड़ी में ग्राम बुलगांव स्थित उल्लास केंद्र में अनुदेशक नियमित रूप से शिक्षार्थियों को पढ़ा रहे हैं। यहां शिक्षार्थी उत्साहपूर्वक अक्षर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं और पढ़ना-लिखना सीखने के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोगी गणना, सरल पठन-पाठन तथा व्यवहारिक ज्ञान का अभ्यास भी कर रहे हैं। अनुदेशकों के सतत मार्गदर्शन और शिक्षार्थियों की सीखने की ललक से सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है
जिले में असाक्षरों का सर्वे कर 4 हजार 231 शिक्षार्थियों का चिन्हांकन किया गया है। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक आकलन परीक्षा आगामी सितंबर 2026 में आयोजित होगी। इस महापरीक्षा में जिले के लगभग 5 हजार शिक्षार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की अध्यक्ष चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के 515 ग्रामों एवं 75 नगरीय वार्डों में संचालित अभियान के तहत अब तक 30 ग्राम और 55 वार्ड शत-प्रतिशत साक्षर घोषित किए जा चुके हैं, जो अभियान की सफलता का प्रमाण है।जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का प्रत्येक असाक्षर नागरिक शिक्षा की रोशनी से जुड़े, शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम बने और बलरामपुर-रामानुजगंज शीघ्र ही पूर्ण साक्षर जिले के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे।











