लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार नई विशेष जांच दल (SIT) के गठन की तैयारी में जुट गई है। नई एसआईटी में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जबकि इसकी कमान मौजूदा एसआईटी के सदस्य और लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नई एसआईटी के गठन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर मंथन शुरू हो गया है। प्रस्तावित टीम में आईजी स्तर के अधिकारी के साथ एक डीआईजी और एक एसएसपी रैंक के आईपीएस अधिकारी को शामिल किया जा सकता है।

हालांकि, सरकार एडीजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में भी एसआईटी गठित करने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस स्थिति में लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण और मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं।इधर, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित मौजूदा एसआईटी को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया है। राज्य सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट और एसआईटी के अनुरोध के आधार पर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, मौजूदा एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपेगी। इसके बाद राज्य सरकार रिपोर्ट पर सीधे कार्रवाई करने के बजाय उसे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध कराएगी, ताकि आगे की आवश्यक प्रक्रिया ट्रस्ट के स्तर पर तय की जा सके।सरकार फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विधिक अध्ययन कर रही है और नई एसआईटी के गठन को लेकर जल्द आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।

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