

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण और पदोन्नति में आरक्षण समेत विभिन्न मांगों को लेकर ओबीसी महासभा ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संगठन ने 20 जुलाई को विधानसभा घेराव की घोषणा की है। इसी दिन राज्य विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है।
20 जुलाई को विधानसभा घेराव की तैयारी
शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य धर्मेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण पिछड़ा वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला लंबित है और सरकार की उदासीनता के कारण इसका समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं और आरक्षित पदों से जुड़े मामलों में भी पिछड़ा वर्ग प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में प्रदेशभर से विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि 20 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे।
रोशनपुरा चौराहे पर होगी सभा
महासभा के अनुसार, दोपहर 12 बजे रोशनपुरा चौराहे पर आमसभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर कूच करेंगे। आंदोलन में ओबीसी महासभा के साथ अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन
ओबीसी महासभा के आंदोलन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस नेता सचिन यादव ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग को उसका अधिकार देने में गंभीर नहीं है। उन्होंने आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से लंबित मुद्दों का समाधान करने की मांग की।
वहीं ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में अटका हुआ है। उनका कहना है कि विधानसभा घेराव के माध्यम से सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।
मानसून सत्र के बीच बढ़ सकती हैं सरकार की मुश्किलें
20 जुलाई से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन प्रस्तावित इस प्रदर्शन को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी भोपाल पहुंचते हैं, तो सरकार को सदन के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर विपक्ष और आंदोलनकारियों के सवालों का सामना करना पड़ सकता है।











