नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से सोना खरीदने में संयम, विदेश यात्रा कम करने और पेट्रोल का समझदारी से उपयोग करने की अपील की थी। इसी बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कड़ा पलटवार किया है।

राहुल गांधी का तीखा हमला, सरकार को बताया असमर्थ
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्द देश की स्थिति को दर्शाते हैं और इसे “विफलता का प्रमाण” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री “कंप्रोमाइज्ड” स्थिति में हैं और देश को प्रभावी तरीके से चलाने में सक्षम नहीं हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीते वर्षों में देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां सरकार को अब लोगों को यह बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदें और क्या न खरीदें, कहां जाएं और कहां नहीं।

त्याग की सलाह पर विपक्ष का तंज
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दी गई सलाह जैसे सोना न खरीदना, विदेश यात्रा कम करना, पेट्रोल का कम उपयोग करना और घर से काम करना, यह केवल सलाह नहीं बल्कि सरकार की असफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचकर इसका बोझ जनता पर डाल रही है।

कांग्रेस का भी सरकार पर हमला
इस मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संकट के बीच सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय जनता पर प्रतिबंध जैसे सुझाव दिए जा रहे हैं।

कांग्रेस ने इसे “बेशर्म और गैर जिम्मेदाराना रवैया” बताया और कहा कि सरकार को देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी रणनीति बनानी चाहिए।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। पार्टी का कहना है कि ऐसे समय में जनता को असुविधा में डालना सही कदम नहीं है।

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