
जशपुर: जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत मनोरा पुलिस ने 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान संदिग्ध तस्कर जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर उनका पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर की शाम करीब 4:30 बजे मनोरा चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्राम मूटू जकबा के जंगल के रास्ते गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना में गौवंशों के साथ मारपीट कर उन्हें ले जाने की बात भी सामने आई थी।सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल ग्राम मूटू जकबा के जंगल की ओर रवाना हुई। मौके पर पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को गौवंशों को पैदल ले जाते देखा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखकर संदिग्ध गौ तस्कर गौवंशों को छोड़कर जंगल की आड़ में फरार हो गए।इसके बाद पुलिस ने मौके से सभी 10 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया। पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।मामले में मनोरा चौकी में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) एवं 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि मनोरा क्षेत्र से 10 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन शंखनाद के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में मनोरा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा तथा आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और सुधीर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















