नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी से बचाव, भारतीय आमों की विविधता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और देश की सांस्कृतिक धरोहर जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

गर्मी में सावधानी बरतने की दी सलाह

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय तेज गर्मी और लू का प्रभाव देखा जा रहा है। ऐसे मौसम में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और सरकारी विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवारों में गर्मी के मौसम के साथ खानपान की परंपराएं भी बदल जाती हैं और रसोई में मौसम के अनुसार कई पारंपरिक उपाय अपनाए जाते हैं।

आम की खुशबू और स्वाद का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने भारत के विभिन्न राज्यों में मिलने वाली आम की प्रसिद्ध किस्मों का जिक्र करते हुए कहा कि हर क्षेत्र का आम अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने महाराष्ट्र के हापुस, गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा, बिहार के जर्दालू, दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और मलगोवा सहित कई लोकप्रिय किस्मों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय आम अब गांवों से निकलकर वैश्विक बाजारों तक अपनी पहचान बना रहे हैं।

अनिमेष कुजूर की उपलब्धि को सराहा

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के युवा धावक Animesh Kujur से भी बातचीत की। अनिमेष ने बताया कि वह 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के युवा खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और भारतीय एथलेटिक्स तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में Ranchi में आयोजित राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कई नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय खेल जगत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विशेष रूप से 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बार-बार टूटना भारतीय एथलेटिक्स के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

चोलकालीन ताम्र पट्टिकाओं की वापसी पर जताया गर्व

प्रधानमंत्री ने हाल ही में Netherlands से भारत को लौटाई गई चोलकालीन ताम्र पट्टिकाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन ताम्र पट्टिकाओं में Rajendra Chola I और Rajaraja Chola I के शासनकाल से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियां दर्ज हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन धरोहरों की वापसी से देश और दुनिया भर के तमिल समुदाय में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

युवाओं और विरासत दोनों पर रहा जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने एक ओर जहां युवाओं की खेल उपलब्धियों को देश की ताकत बताया, वहीं दूसरी ओर भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी और गौरवशाली इतिहास, दोनों मिलकर भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।

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