

बलरामपुर/राजपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को वनपरिक्षेत्र राजपुर अंतर्गत हरितिमा गेउर नर्सरी में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, नगर पंचायत प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों तथा स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के लगभग 500 पौधों का रोपण किया गया तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया।कार्यक्रम में उप वन मंडलाधिकारी आर.एस.एल. श्रीवास्तव, रेंजर अजय कुमार वर्मा, एसडीएम देवेंद्र प्रधान, नगर पंचायत राजपुर के अध्यक्ष धरम सिंह एवं उपाध्यक्ष संजय सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वन अमले के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान वैदिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पीपल और बरगद के पौधों के साथ-साथ विलुप्तप्राय होती जा रही चार, बहेड़ा एवं अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने बताया कि इन प्रजातियों का संरक्षण जैव विविधता को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इन वृक्षों से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलता है, बल्कि वन्य जीवों के लिए भी प्राकृतिक आवास उपलब्ध होता है।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी आर एस.एल श्रीवास्तव ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्रों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। यदि समाज का प्रत्येक नागरिक पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

रेंजर अजय कुमार वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। वन विभाग द्वारा विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर हरित क्षेत्र बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, विद्यालय, कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर हरित वातावरण के निर्माण में योगदान दें।
सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने, अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन प्रकृति संरक्षण के सामूहिक संदेश और हरित भविष्य के संकल्प के साथ हुआ।





















