

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। स्वर्गीय श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के गायनिक वार्ड स्थित बाथरूम में 55 वर्षीय मरीज का शव फांसी के फंदे पर मिला। शव मिलने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।मृतक की पहचान नारद लहरे के रूप में हुई है, जो सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भिखामपुरा गांव का रहने वाला था। वह पीलिया के इलाज के लिए करीब दो दिन पहले रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ था।
मेडिसिन वार्ड में भर्ती था मरीज, सुबह अचानक बिस्तर से मिला गायब
पुलिस के अनुसार, नारद लहरे का अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में उपचार चल रहा था। सोमवार सुबह करीब 5 बजे के बाद वह अपने निर्धारित बिस्तर पर नहीं मिला।जब परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों को मरीज के वार्ड से गायब होने की जानकारी हुई तो उसकी तलाश शुरू की गई। अस्पताल परिसर और आसपास के हिस्सों में खोजबीन की गई। काफी तलाश के बाद मरीज का शव गायनिक वार्ड के बाथरूम में मिला।शव मिलने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद चक्रधरनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस पहुंची अस्पताल, घटनास्थल की जांच के साथ शुरू हुई पंचनामा कार्रवाई
सूचना मिलते ही चक्रधरनगर थाना पुलिस की टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की।पुलिस अब घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज आखिर गायनिक वार्ड तक कैसे पहुंचा।
CCTV फुटेज से खुल सकता है मरीज के आखिरी समय का राज
घटना की जांच में अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज अहम साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नारद लहरे अपने वार्ड से किस समय निकला और किस रास्ते से गायनिक वार्ड के बाथरूम तक पहुंचा।इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मरीज के वार्ड से निकलने के दौरान किसी कर्मचारी या परिजन की नजर उस पर पड़ी थी या नहीं। अस्पताल की निगरानी व्यवस्था में उस समय क्या स्थिति थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
मानसिक परेशानी की बात सामने आई, लेकिन आत्महत्या की वजह अभी साफ नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक मानसिक रूप से परेशान रहता था। हालांकि उसने इतना गंभीर कदम क्यों उठाया, इसकी स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है।पुलिस मृतक के परिजनों और अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर घटना के समय तक की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, भर्ती मरीज दूसरे वार्ड तक कैसे पहुंचा
इस घटना ने अस्पताल में भर्ती मरीजों की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेडिसिन वार्ड में भर्ती 55 वर्षीय मरीज बिना किसी की जानकारी के दूसरे वार्ड तक कैसे पहुंच गया।पुलिस यह भी देख रही है कि जिस समय मरीज अपने बिस्तर पर मौजूद नहीं था, उस दौरान वार्ड की निगरानी किस तरह की जा रही थी। क्या मरीज के गायब होने की जानकारी समय रहते मिल सकती थी और क्या अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी मौजूद थी, इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। पंचनामा, CCTV फुटेज, परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बयान समेत अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत से जुड़े सभी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।











