

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को आखिरकार भारतीय एजेंसियों ने पकड़ लिया, और इसकी वजह बनी उसकी एक मामूली सी चूक। लंबे समय तक छिपकर रहने वाला यह कुख्यात तस्कर एक कूरियर मंगाने के कारण एजेंसियों की नजर में आ गया।
इस्तांबुल में ‘हमजा’ बनकर छिपा था आरोपी
मुंबई के डोंगरी से फरार सलीम डोला तुर्किए की राजधानी इस्तांबुल में ‘हमजा’ नाम से रह रहा था। उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए बुल्गारिया का पासपोर्ट भी बनवा लिया था।करीब डेढ़ साल तक उसने खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग रखा, न फोन का इस्तेमाल किया और न ही सोशल मीडिया के करीब गया। लेकिन जैसे ही उसने कूरियर मंगाया, उसकी लोकेशन ट्रैक हो गई और पूरा नेटवर्क सक्रिय हो गया।
इंटरपोल की मदद से गिरफ्तारी: भारत लाकर हो रही पूछताछ
भारत की एजेंसियों ने तुरंत जानकारी साझा की, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। इस ऑपरेशन में इंटरपोल की भी अहम भूमिका रही।गिरफ्तारी के बाद उसे प्रत्यार्पण के जरिए भारत लाया गया है, जहां नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम उससे पूछताछ कर रही है। फिलहाल उसे 8 मई तक रिमांड पर रखा गया है।
रेड कॉर्नर नोटिस से तेज हुई तलाश
साल 2024 में इंटरपोल ने सलीम डोला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसी के बाद उसकी तलाश और तेज हो गई थी। एजेंसियों के अनुसार वह इतने गुप्त तरीके से छिपा हुआ था कि उसे ढूंढना बेहद मुश्किल था।
ड्रग नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी: मेफेड्रोन सप्लाई का आरोप
जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया है कि सलीम डोला जून 2023 में पकड़ी गई मेफेड्रोन ड्रग्स की खेप का मुख्य सप्लायर था। यह नशा बेहद खतरनाक माना जाता है और एक बार इस्तेमाल करने के बाद इसकी लत लगने का खतरा रहता है।इसी वजह से इस ड्रग पर भारत समेत दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
अब खुलेंगे कई राज: दाऊद नेटवर्क पर बड़ा असर संभव
एजेंसियों को उम्मीद है कि सलीम डोला से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। खास तौर पर दाऊद इब्राहिम के ड्रग नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।यह गिरफ्तारी न केवल एक बड़े अपराधी तक पहुंचने की सफलता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार भी मानी जा रही है।

































