

हैदराबाद। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को आसान और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई तकनीक पेश की गई है। तेलंगाना में लॉन्च किए गए इस मोबाइल EV चार्जिंग सिस्टम को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में प्रस्तुत किया गया। KETO Motors द्वारा विकसित यह तकनीक पारंपरिक बिजली ग्रिड पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय एथेनॉल से बिजली तैयार कर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का दावा करती है।
एथेनॉल से बनेगी बिजली, उसी से होगा वाहन चार्ज
इस मोबाइल यूनिट में 150 किलोवाट क्षमता का फास्ट चार्जर लगाया गया है। सामान्य चार्जिंग स्टेशनों के विपरीत यह प्रणाली पहले एथेनॉल की मदद से बिजली उत्पन्न करती है और फिर उसी ऊर्जा से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्ज करती है। यही वजह है कि इसे उन क्षेत्रों में भी उपयोगी माना जा रहा है, जहां बिजली आपूर्ति सीमित है या ग्रिड की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
72 घंटे में कहीं भी हो सकती है तैयार
परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों का दावा है कि इस मोबाइल चार्जिंग यूनिट को लगभग 72 घंटे के भीतर किसी भी उपयुक्त स्थान पर स्थापित कर संचालन शुरू किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन की तुलना में इसकी स्थापना कम समय और अपेक्षाकृत कम लागत में संभव हो सकती है।
हाईवे और दूरदराज के इलाकों के लिए हो सकती है उपयोगी
इस तकनीक को विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों, अस्थायी चार्जिंग केंद्रों तथा बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। जहां स्थायी चार्जिंग स्टेशन बनाना कठिन होता है, वहां इस मोबाइल यूनिट को पहुंचाकर जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताई हरित ऊर्जा की दिशा में अहम पहल
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस तकनीक को स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके अनुसार एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से कृषि आधारित फसलों की मांग बढ़ सकती है, जिससे किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही यह पहल आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी सहायक साबित हो सकती है।
अभी शुरुआती दौर में है तकनीक
हालांकि यह तकनीक फिलहाल शुरुआती चरण में है। बड़े पैमाने पर इसके उपयोग, संचालन लागत, प्रदर्शन और व्यावसायिक सफलता का वास्तविक आकलन आने वाले समय में ही सामने आएगा। यदि यह तकनीक अपेक्षाओं पर खरी उतरती है तो भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।











