बिहार: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। वे गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे, जहां जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।

दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि वे शपथ लेने के लिए आए हैं। उनकी शपथ राज्यसभा के सभापति के कक्ष में दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण के बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।नीतीश कुमार ने संकेत दिए कि वे कुछ दिनों तक दिल्ली में रहकर संसदीय कार्यों पर ध्यान देंगे और उसके बाद बिहार लौटकर नई व्यवस्था तय करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। नियमों के तहत सांसद बनने के बाद उन्हें 14 दिनों के भीतर राज्य की सदस्यता छोड़नी होगी, ऐसे में मुख्यमंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं होगा।इधर, उनके राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि 14 या 15 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता के नाम पर फैसला हो सकता है, जिसके बाद नई सरकार का गठन होगा।

नीतीश कुमार के इस कदम को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने के बाद अब उनका रुख केंद्र की राजनीति की ओर हो गया है, जिससे प्रदेश में नए नेतृत्व का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।

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