रायपुर : नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प तथा लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

तोखन साहू के निवास घेराव के दौरान बढ़ा तनाव

नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर NSUI कार्यकर्ता सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहले ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया था।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हंगामे के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फटने की भी चर्चा रही, जिसके बाद माहौल और गर्म हो गया।

वाटर कैनन के बाद हुई कार्रवाई

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन का उपयोग किया। इसके बावजूद जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया।घटना के दौरान 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि धक्का-मुक्की के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।

दीपक बैज ने सरकार को घेरा

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि NSUI का कार्यक्रम छात्रों के हित और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने के लिए आयोजित किया गया था। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया।उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें भी आई हैं।

लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उठाए सवाल

दीपक बैज ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते हैं तो क्या उनके साथ इस तरह का व्यवहार उचित है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका लाठीचार्ज के आदेश या कार्रवाई में गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बना मामला

बिलासपुर की यह घटना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। एक तरफ विपक्ष इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बता रहा है, वहीं प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपनी कार्रवाई को उचित ठहरा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!