बलरामपुर: सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर केवल समस्याओं के समाधान का मंच ही नहीं बल्कि सफलता की कहानियों को साझा करने का भी माध्यम बन रहा है। इसी कड़ी में मेरी कहानी, मेरी जुबानी पहल के तहत ग्राम पचावल की  अर्चना

सिंह बताती हैं कि वे बिहान योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूह से काफी लंबे समय से जुड़ी हुई हैं और इससे निरंतर लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण लिया। वे बताती हैं कि समूह के माध्यम से उन्हें 2 लाख रुपये का ऋण लिया, जिसका उपयोग उन्होंने राइस मिल में किया। वर्तमान में वे सफलतापूर्वक राइस मिल का संचालन कर रही हैं, अर्चना सिंह बताती है कि  पहले वे सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रही थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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