मध्य प्रदेश :  विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है। सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेल सेक्शन के उद्घाटन से क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से इन रेल मार्गों का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना से सतना, रीवा और सीधी के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि रेल नेटवर्क से अब तक वंचित रहे सीधी जिले को भी रेल संपर्क का लाभ मिलेगा।

आजादी के बाद सीधी को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी

सीधी मध्य प्रदेश के उन जिलों में शामिल रहा है, जहां अब तक सीधे रेल संपर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। लंबे समय से क्षेत्र के लोग रेल सेवा शुरू होने की मांग कर रहे थे। नए रेल सेक्शन के तैयार होने से जिले के लोगों को प्रदेश के अन्य शहरों और आगे देश के बड़े शहरों तक यात्रा करने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकेगा।रेल सुविधा शुरू होने को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह है।इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

167 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग, छुहिया घाटी में बनी सुरंग

देवेंद्रनगर से चुरहट तक प्रस्तावित रेल मार्ग की कुल लंबाई 167 किलोमीटर बताई गई है। इसके अलग-अलग हिस्सों का विवरण इस प्रकार है:

  • देवेंद्रनगर से सतना: 52 किलोमीटर
  • सतना से रीवा: 50 किलोमीटर
  • रीवा से चुरहट: 65 किलोमीटर

इस रेल परियोजना के निर्माण में भौगोलिक चुनौतियां भी सामने आई। छुहिया घाटी के दुर्गम और घुमावदार क्षेत्र में रेल लाइन बिछाना आसान नहीं था। इस हिस्से में करीब 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। सुरंग बनने से पहाड़ी क्षेत्र में रेल मार्ग को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

देवेंद्रनगर-चुरहट MEMU ट्रेन भी होगी शुरू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव देवेंद्रनगर-चुरहट MEMU ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 61629 देवेंद्रनगर से सुबह 7 बजे रवाना होकर दोपहर 1:15 बजे चुरहट पहुंचेगी।वापसी में ट्रेन नंबर 61630 चुरहट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और रात 9:45 बजे देवेंद्रनगर पहुंचेगी। इस सेवा का संचालन रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन किए जाने की जानकारी दी गई है।

इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन

देवेंद्रनगर से चुरहट के बीच इस रेल मार्ग पर कई प्रमुख और स्थानीय स्टेशन शामिल होंगे। इनमें फुलवारी, नागोद, बरेठिया, करही, सतना, कैमा, सकरिया, हिनौतारामबन, बघाई रोड, तुरकी रोड, रीवा, सिलपरा, गोविंदगढ़, बघवार और रामपुर नैकिन शामिल हैं।इन स्टेशनों के माध्यम से आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को रेल सेवा तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प भी मिल सकता है।

शिक्षा, रोजगार और कारोबार को मिल सकती है रफ्तार

रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से विंध्य क्षेत्र में यात्रा के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने, कर्मचारियों को कामकाज के लिए आने-जाने और व्यापारियों को अपने कारोबार से जुड़े काम निपटाने में सहूलियत मिल सकती है।इसके अलावा, बेहतर रेल संपर्क से आसपास के क्षेत्रों के बीच आवाजाही बढ़ने और स्थानीय बाजारों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। सीधी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की यह पहल क्षेत्र के परिवहन ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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