
मध्य प्रदेश : 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने जीतू पटवारी को अगला मुख्यमंत्री बताया था। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान केदार सिरोही ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे संगठनात्मक प्रक्रिया और आंतरिक लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। उन्होंने पटवारी से पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और बयान का खंडन करने की मांग की है।
मुकेश नायक के बयान से शुरू हुई चर्चा
विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार के नए हेलीकॉप्टर को लेकर मुकेश नायक की टिप्पणी से हुई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि सरकार ने जो विमान खरीदा है, वह जीतू पटवारी के लिए है। नायक के मुताबिक, भाजपा सरकार केवल एक साल तक ही इस विमान का इस्तेमाल कर पाएगी। इसके बाद जीतू पटवारी मुख्यमंत्री बनेंगे और विमान में बैठेंगे।इस बयान के सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई।
केदार सिरोही ने उठाए आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल
केदार सिरोही ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी नेता को 2028 के लिए मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताने से पहले पार्टी की संगठनात्मक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उनके अनुसार, न तो विधायक दल की बैठक हुई है और न ही शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने आया है।सिरोही ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सार्वजनिक तौर पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करती है, तो पार्टी के भीतर भी इन सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह के बयान संगठन की स्थापित प्रक्रिया से अलग संदेश दे सकते है।
पटवारी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
सिरोही ने कहा कि जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर संगठन के लिए काम कर रहे है, लेकिन उन्हें ऐसे बयानों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने पटवारी से मुकेश नायक के बयान का खंडन करने की मांग की।सिरोही ने यह भी कहा कि यदि इस मामले पर चुप्पी बनी रहती है, तो कार्यकर्ताओं के बीच यह धारणा बन सकती है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर बयानबाजी किसी रणनीति के तहत की जा रही है।
किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह
केदार सिरोही ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और जनता से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश कर्ज, आर्थिक चुनौतियों और कई जनसमस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों पर जल्दबाजी में चर्चा करने के बजाय किसानों, मजदूरों, युवाओं और व्यापारियों से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देनी चाहिए।उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस की मजबूती किसी एक व्यक्ति के दावे से नहीं, बल्कि संगठन और कार्यकर्ताओं के साझा प्रयासों से तय होती है।
2028 से पहले कांग्रेस में बढ़ेगी सियासी हलचल?
विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सामने आए इस बयान ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। एक ओर मुकेश नायक की टिप्पणी चर्चा में है, तो दूसरी ओर केदार सिरोही ने संगठनात्मक मर्यादा और नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाए है।अब नजर इस बात पर रहेगी कि जीतू पटवारी इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया देते है या नहीं और पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही बयानबाजी पर क्या रुख अपनाता है।




















