

छत्तीसगढ़: चल रहे सुशासन तिहार के दौरान रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में उस समय माहौल गरमा गया, जब राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही पटवारी को निलंबित करने का आदेश दे दिया। ग्रामीणों की शिकायत सुनते ही मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता को परेशान करने वालों पर अब सीधी कार्रवाई होगी।
‘एक घंटे के भीतर पटवारी सस्पेंड करो’
तिल्दा-नेवरा के बीएनबी हाई स्कूल मैदान में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों ने बिलाड़ी के पटवारी की शिकायत की। लोगों ने बताया कि एक छोटे किसान को अपनी जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। आरोप था कि किसान की जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दर्ज कर दिया गया, जिससे उसे भारी परेशानी झेलनी पड़ी।शिकायत सुनते ही राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित किया जाए। मंत्री के इस आदेश के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों को दो टूक संदेश, लापरवाही अब नहीं चलेगी
समाधान शिविर में मौजूद रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री और सांसद दोनों ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।टंकराम वर्मा ने अतिक्रमण, अपराध और लंबित राजस्व मामलों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा और तय समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक समाधान करने का अभियान है।
सड़क, बिजली और राजस्व विवाद लेकर पहुंचे लोग
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। लोगों ने खराब सड़कों, सफाई व्यवस्था, बिजली कटौती, अतिक्रमण और राजस्व विवादों से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों को सौंपी। कई ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तरों में सुनवाई नहीं होने की बात भी कही।
बृजमोहन अग्रवाल पहले भी दिखा चुके हैं सख्ती
यह पहला मौका नहीं है जब सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर सख्ती दिखाई गई हो। इससे पहले आरंग थाना क्षेत्र के समोदा नगर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है और पैसों के लेनदेन की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। शिकायतों के बाद सांसद ने मौके पर ही अधिकारियों की क्लास लगाई थी।
सुशासन तिहार में सरकार का फोकस, सीधे जनता तक जवाबदेही
राज्य सरकार सुशासन तिहार के जरिए प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। सरकार का दावा है कि शिविरों के माध्यम से गांव स्तर तक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और लापरवाह कर्मचारियों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।





















