पश्चिम एशिया में लगातार बढते तनाव का असर अब हवाई यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर उडानें रद्द होने और विमान सेवाओं के संचालन में बाधा आने से यात्रियों की मुश्किलें बढ रही हैं। इसी बीच सऊदी अरब में उमराह करने गए कई भारतीय नागरिकों के सामने स्वदेश वापसी का संकट खडा हो गया है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। हालात को देखते हुए राज्यसभा सांसद मंसूर अली खान ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

सांसद ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर सऊदी अरब में फंसे भारतीय यात्रियों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उडानों में रुकावट के कारण लोगों को भारत लौटने में परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित रखने और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए जल्द कदम उठाने की जरूरत है।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता

मंसूर अली खान ने अपने पत्र में बताया कि सऊदी अरब में फंसे यात्रियों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और समय पर चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है। उडानें रद्द होने या सीमित विमान सेवाओं के कारण उन्हें रहने, भोजन और इलाज जैसी जरूरी सुविधाएं जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड सकता है।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित भारतीयों की स्थिति का आकलन कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार यात्रियों को प्राथमिकता देते हुए जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए।

उमराह टूर ऑपरेटरों की परेशानी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

सांसद ने यह भी ध्यान दिलाया कि कई निजी उमराह टूर ऑपरेटर आर्थिक और परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसके चलते कुछ यात्रियों और टूर एजेंसियों के बीच संपर्क तथा व्यवस्थाओं में बाधा आने की आशंका है।

ऐसे हालात में यात्रियों के ठहरने और वापसी की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, यदि किसी यात्री के वीजा की अवधि समाप्त हो जाती है, तो उसे कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड सकता है। मंसूर अली खान ने इस पहलू पर भी केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

भारतीय दूतावास और जेद्दा वाणिज्य दूतावास से मदद की अपील

राज्यसभा सांसद ने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए सक्रिय कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने यात्रियों के लिए सुरक्षित ठहरने, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था करने पर जोर दिया है।

जरूरत पडने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और भारतीय नागरिकों की जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी इंतजाम करने की मांग की गई है। मौजूदा हालात में प्रभावित यात्रियों तक सही जानकारी पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना अहम माना जा रहा है।

किरेन रिजिजू को भी लिखा पत्र, आर्थिक सहायता का सुझाव

मंसूर अली खान ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को भी पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की जरूरत बताई है, ताकि उमराह यात्रियों की सहायता के लिए समन्वित प्रयास किए जा सकें।

सांसद ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य हज समितियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का सुझाव भी दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जरूरतमंद यात्रियों को कल्याण कोष से आपातकालीन आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया है।

स्वदेश वापसी के इंतजार में प्रभावित यात्री

पश्चिम एशिया में तनाव और विमान सेवाओं में आ रही बाधाओं के बीच सऊदी अरब में मौजूद भारतीय उमराह यात्रियों की सुरक्षित वापसी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। मंसूर अली खान ने केंद्र सरकार से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। अब प्रभावित यात्रियों को राहत पहुंचाने और उनकी भारत वापसी के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

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