
Govt Sugar Price Control: देश में चीनी की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने आयातित कच्ची चीनी को लेकर नियमों में बदलाव किया है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की बात सामने आई है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं के साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है।
अब हर खेप के लिए तय समय में करनी होगी बिक्री
नए नियमों के तहत टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ के अंतर्गत आयात की जाने वाली कच्ची चीनी को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर रिफाइन कर घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य होगा। पहले इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय थी, जिसे अब बदल दिया गया है।सरकार का उद्देश्य आयातित चीनी को लंबे समय तक रोककर रखने की संभावना कम करना और बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाना है।
उत्पादन में कमी और त्योहारी मांग ने बढ़ाया दबाव
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे घरेलू उत्पादन में कमी और त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कीमतों में आगे और बढ़ोतरी की आशंका के चलते जमाखोरी की स्थिति भी बाजार पर दबाव बना सकती है।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का सीमित स्टॉक और मजबूत वैश्विक कीमतें भी घरेलू बाजार को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में सरकार के नए नियमों का असर आने वाले समय में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर देखने को मिल सकता है।



















