

अंबिकापुर: राजीव गांधी पीजी कॉलेज में आयोजित जनभागीदारी समिति की बैठक में महाविद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति की अध्यक्षता मनोज कुमार गुप्ता ने की।
बैठक में महाविद्यालय के भवन निर्माण, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए वित्तीय संसाधनों के सृजन पर चर्चा की गई। साथ ही छात्रों के हितों, उनकी समस्याओं और सुझावों पर विचार करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा महाविद्यालय और स्थानीय समुदाय, उद्योगों, सामाजिक संस्थाओं एवं पूर्व विद्यार्थियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नवाचार, बहुविषयक शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। साथ ही महाविद्यालय को बेहतर NAAC ग्रेडिंग दिलाने के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम के उपयोग के लिए शासकीय संस्थाओं से 11 हजार रुपये तथा गैर शासकीय संस्थाओं से 15 हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। वहीं मैदान के रखरखाव और दुरुपयोग रोकने के लिए संपूर्ण मैदान के उपयोग हेतु 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया।
सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में आवश्यकता और कार्यभार के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्नातकोत्तर एंथ्रोपोलॉजी, एमएसडब्ल्यू, एमएससी कंप्यूटर साइंस, बीए एंथ्रोपोलॉजी तथा एमए मनोविज्ञान जैसे सेल्फ फाइनेंस कोर्सों में विद्यार्थियों को राहत देने के लिए शुल्क में कमी करने पर सहमति बनी।
महाविद्यालय के मुख्य भवन के प्रवेश द्वार का पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा कैंटीन का विस्तार करते हुए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिसर में 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।करीब 15 वर्षों से मरम्मत से वंचित छात्रावास में खिड़कियों की मरम्मत, वॉशरूम सुधार और पुताई कार्य कराने की स्वीकृति भी दी गई। इसके अलावा मीटिंग हॉल को आधुनिक स्वरूप देते हुए उसमें चार एसी और साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे। पुराने ऑडिटोरियम और इंडोर बैडमिंटन हॉल का भी नवीनीकरण कराया जाएगा।समिति ने मुख्य गेट से विद्यावृत्त, रूसा भवन और साक्षरता ब्लॉक तक पक्की सड़क निर्माण का प्रस्ताव नगर निगम और पार्षद निधि से कराने का निर्णय लिया। पेयजल समस्या को देखते हुए नगर निगम से दो नल-जल कनेक्शन लेने पर भी सहमति बनी।बैठक में विधि संकाय में 120 अतिरिक्त सीटों की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं महाविद्यालय के पश्चिमी हिस्से में मुख्य भवन और ऑडिटोरियम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराए जाने पर भी सहमति बनी।इसके अलावा विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर और ग्रंथालय के आधुनिकीकरण हेतु अलमारियां, कुर्सियां तथा छात्रावास के ऊपर निर्मित कमरों के लिए 150 ड्यूल डेस्क खरीदने की अनुमति प्रदान की गई।बैठक में विकास जिंदल, रिंकू वर्मा, दीपक यादव, संतोष दास, दीपांकर गुप्ता, मनोज सोनी, प्रभात विश्वास, रामप्रवेश पांडे, सरस्वती यादव, इंदु नेताम सहित महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सिन्हा, डॉ. राजकमल मिश्रा, डॉ. एस.एन. पांडे तथा जे.पी. लाश्कर उपस्थित रहे।











