

लोकसभा चुनाव के बाद अब कांग्रेस एक बार फिर अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कई प्रदेश अध्यक्षों, महासचिवों, राज्य प्रभारियों और राष्ट्रीय सचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही बड़े फैसले ले सकता है।
कई बड़े नेताओं की बदल सकती है जिम्मेदारी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में चार महासचिवों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। इसके साथ ही कई राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्षों को भी बदले जाने की संभावना है। इन संभावित बदलावों के चलते दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई वरिष्ठ नेता लगातार पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के लिए राजधानी पहुंच रहे हैं।
इन राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र, तमिलनाडु, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और दिल्ली समेत कई राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त किए जा सकते हैं। वहीं संगठन को अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सचिवों की संख्या में भी कटौती किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनावी चुनौतियों का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए संगठन को अधिक चुस्त, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाना जरूरी है।
खड़गे और राहुल गांधी ने कई दौर की बैठकों में किया मंथन
बताया जा रहा है कि संगठन में बदलाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच हाल के दिनों में कई दौर की बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में राज्यों के प्रदर्शन, संगठन की सक्रियता और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई है।
सूत्रों के अनुसार नई जिम्मेदारियां तय करते समय नेताओं के प्रदर्शन और संबंधित राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
2027 के चुनावों पर कांग्रेस की नजर, संगठन को किया जा रहा मजबूत
पार्टी के भीतर इन बदलावों को भविष्य की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। खासकर पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जल्द हो सकती है आधिकारिक घोषणा
सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस नेतृत्व आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलावों की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो कई राज्यों में प्रदेश नेतृत्व, राज्य प्रभारियों और संगठन के ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे पार्टी आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी करेगी।





















