

नई दिल्ली: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने तिलक के राष्ट्रवाद, स्वराज और जनजागरण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक भारत के प्रेरणास्रोतों में से एक बताया।
पीएम मोदी ने बताया राष्ट्रवाद का महान प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर लोकमान्य तिलक को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत किया और समाज सेवा के लिए अनेक पीढ़ियों को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने में तिलक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लेखनी ने लोगों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना पैदा की।
राजनाथ सिंह ने याद दिलाया ऐतिहासिक उद्घोष
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकमान्य तिलक को नमन करते हुए कहा कि उनका ऐतिहासिक उद्घोष 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' देशवासियों के लिए स्वतंत्रता का मंत्र बन गया था। उन्होंने कहा कि तिलक का राष्ट्रप्रेम, स्वदेशी के प्रति समर्पण और स्वराज का संकल्प आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
अमित शाह ने जनजागरण में भूमिका को सराहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक उन महान नेताओं में थे जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं को संगठित किया और स्वभाषा, स्वदेशी तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती जैसे आयोजनों के माध्यम से तिलक ने राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा दी। शाह ने उनके प्रसिद्ध ग्रंथ 'गीता रहस्य' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी कर्तव्य और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
जेपी नड्डा ने बताया राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकमान्य तिलक को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रखर पुरोधा और पूर्ण स्वराज का मजबूत समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वदेशी आंदोलन और जनजागरण के जरिए तिलक ने राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया। नड्डा के अनुसार उनकी राष्ट्रवादी पत्रकारिता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करता है।
आज भी प्रेरणा देते हैं लोकमान्य तिलक के विचार
देश के शीर्ष नेताओं ने अपने संदेशों में इस बात पर जोर दिया कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचार, राष्ट्रसेवा का उनका दृष्टिकोण और स्वराज के लिए उनका संघर्ष भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा में आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे।










