नगर पंचायत की तैयारियों की खुली पोल, घर-दुकानों में घुसा पानी, करोड़ों की नालियां बेअसर; उफनते पुल पर तीन युवक घंटों फंसे रहे

अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त किए करीब 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कुसमी नगर आज भी समुचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बरसात में जलभराव की समस्या झेलने को मजबूर है। शुक्रवार दोपहर बाद हुई पहली मूसलाधार बारिश ने नगर पंचायत की तैयारियों और वर्षों से किए गए विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी। नगर के कई वार्डों में बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और देर शाम तक जनजीवन अस्त-व्यस्त बना रहा।



मुख्य बाजार की दो कपड़ा दुकानें बनीं नदी, बह गया लाखों का सामान

नगर के हृदय स्थल मुख्य मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक 09 में संचालित मोबिन कपड़ा दुकान और संजय टैक्सटाइल्स बारिश से सबसे अधिक प्रभावित रहे। देखते ही देखते दोनों दुकानों में इतना पानी भर गया कि पूरा परिसर नदी जैसा दिखाई देने लगा। दुकानों के भीतर रखा कपड़ा, फर्नीचर, लकड़ी के काउंटर सहित अन्य सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई, जबकि कई सामान तेज बहाव में बह गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकानों के पीछे लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर स्थित भेड़ी टोंगरी जंगल से तेज बहाव के साथ वर्षा जल नीचे उतरकर पीछे के रास्ते दुकानों में घुस गया। व्यापारियों ने बताया कि इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

वार्ड क्रमांक 08 में घरों में घुसा पानी, पहले भी दी गई थी शिकायत..

वार्ड क्रमांक 08 में भी नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई मकानों में पानी भर गया। स्थानीय निवासी हुजैफा के घर सहित आसपास के कई परिवारों को जलभराव का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले कई बार नगर पंचायत एवं जनप्रतिनिधियों को जल निकासी की समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में घरों के भीतर पानी भर गया और घरेलू सामान खराब हो गए।

निर्माणाधीन नाली बनी मुसीबत, वार्ड क्रमांक 11 में तालाब जैसे हालात..

वार्ड क्रमांक 11 में बरसात के बीच नाली निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया। निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी और मलबे ने वर्षा जल के बहाव को रोक दिया, जिससे पानी कई मकानों में घुस गया। पूरा क्षेत्र तालाब जैसा नजर आया और लोग कमर तक पानी में होकर आवाजाही करने को मजबूर रहे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आसपास स्थित कई मकानों में भी पानी भर गया यहां जाम पड़े नाली के कारण नाली के ढक्कन के ऊपर पानी ने सड़को को भी तालाब नुमा बना दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य बरसात से पहले पूरा कर लिया जाता या जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।

'करोड़ों खर्च हुए, फिर भी नहीं मिली राहत'..

नगर के कई बुद्धिजीवियों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद वर्षों में करोड़ों रुपये की लागत से अनेक नालियों का निर्माण कराया गया, लेकिन अधिकांश नालियां या तो जाम हैं या फिर उनका निकासी तंत्र अधूरा है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में दीर्घकालिक योजना का अभाव रहा, जिसका खामियाजा हर वर्ष नगरवासियों को भुगतना पड़ता है। नगरवाषियो का कहना हैं की यदि बरसात शुरू होने से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाते, तो इस स्थिति से बचा जा सकता था।

उफनते पुल पर तीन युवक फंसे, लोगों ने बचाई जान..

लगातार बारिश के कारण कुसमी-जशपुर मार्ग पर इंटक वेल के समीप गलफुल्ला नदी पर बना पुल पहली ही बारिश में जलमग्न हो गया। पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को घंटों पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा।

इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने तेज बहाव के बीच पुल पार करने का प्रयास किया। बीच पुल तक पहुंचते ही मोटरसाइकिल रुक गई और तीनों युवक तेज बहाव के बीच फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर उन्हें वहीं रुकने की सलाह दी। काफी देर तक तीनों युवक पुल के बीच पानी से घिरे रहे और सुरक्षित बाहर निकलने का इंतजार करते रहे।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग..

नगरवासियों का कहना है कि पहली ही बारिश में जिस प्रकार पूरे नगर में जलभराव की स्थिति बनी, उससे स्पष्ट है कि बरसात पूर्व तैयारियां पर्याप्त नहीं थीं। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदारों और संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

फोटो और वीडियो आए सामने..

उल्लेखनीय है कि प्रभावित वार्डों के अनेक निवासियों ने अपने घरों और दुकानों में घुसे पानी, क्षतिग्रस्त सामान तथा जलभराव के फोटो एवं वीडियो "संचार टुडे सीजी एमपी" न्यूज को उपलब्ध कराए हैं। इन तस्वीरों और वीडियो में नगर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इन तथ्यों का संज्ञान लेकर शीघ्र राहत एवं स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।

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