ग्वालियर. जीआरएमसी (GRMC) के इंटर्न छात्र को दिल का दौरा पड़ने के बाद उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। शनिवार रात को उसे दिल्ली ले जाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पहले उसे एयर एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, लेकिन रात में एयर एंबुलेंस लैंड नहीं हो सकी। इसके चलते आपात स्थिति में रात करीब 10 बजे ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

महज 20 मिनट में ही जेएएच से पुरानी छावनी ले जाया गया। जीआरएमसी के इंटर्न छात्र शैलेंद्र को दिल का दौरा पड़ा था। ग्वालियर में वह जेएएच में भर्ती था। यहां उसकी हालत में सुधार नहीं आया। इसके चलते शनिवार दोपहर में उसे दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया।

रात तक एयर एंबुलेंस नहीं आ सकी
एयर एंबुलेंस से संपर्क किया। जेएएच प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, जिससे एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक पहुंचने में परेशानी न हो। जाम का सामना न करना पड़े। रात तक एयर एंबुलेंस न आ सकी। इसके बाद छात्र को सड़क मार्ग से ही ले जाने का निर्णय लिया गया।

महज आधा घंटे में ही सारे इंतजाम कर लिए
रात 9:30 बजे ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली। महज आधा घंटे में ही सारे इंतजाम कर लिए गए। तुरंत ही जेएएच से लेकर पुरानी छावनी तक सभी मार्गों पर ट्रैफिक रोक दिया गया। जेएएच से एंबुलेंस रवाना हुई। पूरे रास्ते कहीं भी एंबुलेंस नहीं फंसी। आगे पुलिस की गाड़ी चल रही थी, साथ में एंबुलेंस जा रही थी। महज 20 मिनट में जेएएच से पुरानी छावनी पहुंचा दिया गया। पुरानी छावनी में बानमोर बॉर्डर तक एंबुलेंस को छोड़ा गया। दरअसल, छात्र शैलेंद्र को हाथ में दर्द की शिकायत लेकर न्यूरोसर्जरी विभाग पहुंचे थे, जहां अचानक उन्हें सीवियर हार्ट अटैक (गंभीर हृदयाघात) आ गया। जैसे ही छात्र की तबीयत बिगड़ी, वहां मौजूद चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें भर्ती कर गहन निगरानी में रखा।

स्वजन दिल्ली से ग्वालियर पहुंच गए
हृदय रोग विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियक सेंटर जया आरोग्य अस्पताल डॉ. पुनीत रस्तोगी ने बताया कि छात्र को काफी गंभीर हार्ट अटैक आया है। शैलेंद्र को हार्ट अटैक आने की सूचना मिलते ही उनके स्वजन दिल्ली से ग्वालियर पहुंच गए। छात्र की नाजुक स्थिति को देखते हुए स्वजन बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है।

युवा वर्ग में बढ़ते हार्ट अटैक ने बढ़ाई चिंता
अस्पताल परिसर में एक युवा डॉक्टर के साथ हुई इस घटना ने छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों का कहना है कि हाथ में दर्द या सीने में भारीपन जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर विशेषज्ञ के पास पहुंचकर 
उपचार कराना चाहिए। शहर में दिल के दौरे के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।

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