सूरजपुर: सूरजपुर कलेक्टर  रेना जमील के मार्गदर्शन में जिले में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन निरंतर सजग एवं संवेदनशील है। इसी क्रम में ग्रामीणों की सतर्कता एवं प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बाल श्रम की आशंका वाले एक प्रकरण में बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्राप्त सूचना के अनुसार एक वाहन में बच्चों को रोपा कार्य के लिए दूसरे गांव ले जाया जा रहा था, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। 

जिला बाल संरक्षण अधिकारी  मनोज जायसवाल द्वारा सूचना प्राप्त होते ही जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला सशक्तिकरण हब एवं पुलिस की संयुक्त टीम को सक्रिय किया गया। टीम ने नियमानुसार पंचनामा तैयार कर बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया तथा प्रकरण को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति द्वारा अभिभावकों एवं अन्य संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर प्रकरण की जांच की जा रही है।कार्रवाई के दौरान अभिभावकों की काउंसलिंग कर उन्हें बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही बच्चों को किसी भी प्रकार के श्रम कार्य में न लगाकर नियमित रूप से विद्यालय भेजने की समझाइश दी गई। संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 100 अथवा निकटतम प्रशासनिक एवं बाल संरक्षण अधिकारियों को सूचित करें। बच्चों का सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं उनके अधिकारों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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