भारत और जापान के बीच कार्यबल गतिशीलता और मानव संसाधन सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से 25 मई को टोक्यो में एक संयुक्त संगोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम जापान स्थित भारतीय दूतावास और आसियान वन कंपनी लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुश्री वंदना गुरनानी ने मुख्य संबोधन दिया।

भारत-जापान सहयोग पर साझा मंच

संगोष्ठी में जापानी नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और कार्यबल गतिशीलता से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र भारत और जापान के बीच कुशल कार्यबल, मानव संसाधन विकास और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत बनाना रहा।

कई प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल

कार्यक्रम में जापान की प्रतिनिधि सभा के सदस्य एवं पूर्व न्याय मंत्री यामाशिता, अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री इनो, शिक्षा एवं विज्ञान राज्य मंत्री नाकामुरा, जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन के अध्यक्ष तादाशी माएदा, जापान के विदेश मंत्रालय के उप महानिदेशक केंगो ओत्सुका और जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मल्लिक सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

भारत को बताया विश्वसनीय वैश्विक कार्यबल साझेदार

अपने संबोधन में वंदना गुरनानी ने कहा कि भारत वैश्विक कार्यबल के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पारदर्शी, नैतिक और व्यापक अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता व्यवस्था तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय क्षमता, मजबूत कौशल विकास प्रणाली और संस्थागत सुधार देश को जापान सहित वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए कुशल मानव संसाधन का भरोसेमंद स्रोत बनाते हैं।

कौशल विकास और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर

सचिव ने भारत के कौशल विकास ढांचे पर विस्तार से चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, शिक्षुता प्रणालियों और डिजिटल स्किल प्लेटफॉर्म की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय कैरियर सेवा मंच और मॉडल कैरियर केंद्रों का भी उल्लेख किया।

जापानी भाषा और कौशल मानचित्रण की जरूरत

बैठक में भारत और जापान के बीच जापानी भाषा प्रशिक्षण, क्षेत्र विशेष कौशल विकास, परीक्षण अवसंरचना, कौशल मानचित्रण और नैतिक भर्ती प्रक्रियाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

असम सरकार की पहल ‘फ्लाइट’ की सराहना

संगोष्ठी में असम सरकार की ‘फॉरेन लैंग्वेज इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल टैलेंट (फ्लाइट)’ पहल को भी रेखांकित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक रोजगार अवसरों, विशेष रूप से जापान-उन्मुख कार्यबल मार्गों के लिए तैयार करना है।

कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं

प्रतिभागियों ने विनिर्माण, देखभाल सेवाएं, निर्माण, वाहन रखरखाव, आतिथ्य, कृषि, आईटी, डिजिटल सेवाओं और हरित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भारत-जापान सहयोग की व्यापक संभावनाओं को स्वीकार किया।

10 वर्षों में 50 हजार लोगों को जोड़ने का लक्ष्य

कार्यक्रम के समापन पर तोशियाकी निशिकावा ने भारत-जापान जन-सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए अगले 10 वर्षों में 50 हजार लोगों को जोड़ने वाले मानव विनिमय कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

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