नई दिल्ली: भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान पर भी साफ नजर आने लगा है। जो पाकिस्तान अक्सर भारत के खिलाफ तीखे बयान देता था, वही अब कुछ मामलों में तारीफ करता दिख रहा है। हाल ही में पाकिस्तान के राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने दोनों देशों के परमाणु सुरक्षा रिकॉर्ड को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है।

परमाणु ठिकानों पर हमला न करने की बनी रही परंपरा

एक इंटरव्यू के दौरान फैसल नियाज तिरमिजी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्षों से यह आपसी समझ बनी हुई है कि दोनों देश एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला नहीं करेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को दोनों देशों के बीच विश्वास बनाए रखने का अहम आधार बताया।

पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बढ़ी इस समझ की अहमियत

राजदूत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे हालात में इस तरह की पारस्परिक गारंटी का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह संतुलन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी भूमिका निभाता है।

बदलते रुख से कूटनीतिक संकेत, भविष्य पर नजरें टिकीं

पाकिस्तान की ओर से इस तरह का बयान कूटनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में संभावित नरमी की दिशा में एक संकेत हो सकता है, हालांकि जमीनी स्तर पर रिश्तों में सुधार अभी भी कई चुनौतियों से जुड़ा हुआ है।

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