

MP News: सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन व्यवस्था और पूरे नगर की यातायात प्रणाली में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था अगले दो से तीन दिनों में लागू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सकें।
सामान्य श्रद्धालुओं के लिए बदला गया प्रवेश मार्ग
नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रद्धालुओं को अब सुखदेव मुनि द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। यहां से सीढ़ियों के रास्ते श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचेंगे और गर्भगृह से लगभग 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगे।दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी चांदी गेट से होगी। इसके बाद उन्हें झूला पुल मार्ग से बाहर भेजा जाएगा, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और दर्शन व्यवस्था लगातार सुचारु बनी रहे।
शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था
प्रशासन ने शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश और निकासी मार्ग तय किया है। वर्तमान एग्जिट गेट को प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।इस मार्ग से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद लकड़ी गेट से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों का मानना है कि अलग अलग रूट होने से भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और दर्शन प्रक्रिया में अनावश्यक बाधा नहीं आएगी।
पूरे शहर में लागू होगी वन वे ट्रैफिक व्यवस्था
सावन के दौरान ओंकारेश्वर नगर में वन वे ट्रैफिक सिस्टम लागू रहेगा। बाहरी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी और सभी वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा।इसके अलावा प्रोटोकॉल और शीघ्र दर्शन से जुड़े टिकट काउंटरों को भी ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि मंदिर परिसर के आसपास भीड़ कम की जा सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील
जिला प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नई व्यवस्था का पालन करें और यात्रा से पहले निर्धारित मार्ग और पार्किंग संबंधी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।











