सर्पदंश से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण अपील

झाड़-फूंक नहीं, त्वरित ईलाज से ही बच सकता है जीवन

बलरामपुर। मानसून के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को बचाव एवं त्वरित उपचार के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्पदंश से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं तथा किसी भी घटना की स्थिति में बिना समय गंवाए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार कराएं।

उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में सांपों के रहवास क्षेत्र में पानी भर जाने तथा बाढ़ जैसी परिस्थितियां निर्मित होने पर सांप आवासीय क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होती है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। रात्रि में जमीन पर सोने के बजाय पलंग पर मच्छरदानी लगाकर सोएं तथा मच्छरदानी को चारों ओर से अच्छी तरह दबाकर रखें। पलंग या चारपाई को दीवार से सटाकर न रखें और न ही उसके आसपास अनावश्यक सामान रखें। सोने वाले कमरे में खरगोश, मुर्गियां जैसे छोटे जीवों को न रखें तथा घर में चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि इनके कारण सांप घरों की ओर आकर्षित होते हैं।

सीएमएचओ ने बताया कि रात्रि में शौच अथवा अन्य कार्यों से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का उपयोग अवश्य करें। जहां स्पष्ट दिखाई न देता हो वहां बिना देखे हाथ या पैर न डालें। खेत-खलिहानों एवं बाड़ी में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतें तथा सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय मरीज का मनोबल बढ़ाएं। मरीज को डराने या घबराने से रक्तचाप बढ़ सकता है, जिससे विष शरीर में तेजी से फैलने की आशंका रहती है। सर्पदंश पीड़ित को तुरंत स्थिर अवस्था में लिटा दें और उसे अनावश्यक गतिविधियों से दूर रखें। कटे हुए स्थान पर किसी भी प्रकार की रस्सी, कपड़ा या अन्य वस्तु न बांधें तथा झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में समय व्यर्थ न करें। मरीज को शीघ्रतापूर्वक नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाकर चिकित्सक को जानकारी दें, जहां आवश्यकतानुसार एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार किया जाता है।

डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां तथा पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में केवल चिकित्सकीय उपचार पर भरोसा करें और समय रहते स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचकर उपचार प्राप्त करें।

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