जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और डोडा जिलों में सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बाढ़ का असर 540 मेगावाट के क्वार पावर प्रोजेक्ट पर भी पड़ा है। परियोजना की टीआरटी साइट पर भारी मात्रा में पानी और मलबा घुसने से वहां खड़े कई वाहन मलबे में फंस गए। अचानक आई इस आपदा के चलते परियोजना का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। हालांकि, फिलहाल किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं।

भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण एहतियात के तौर पर किश्तवाड़-डोडा सड़क को बंद कर दिया गया है, जिससे दोनों जिलों के बीच यातायात प्रभावित हो गया है। प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सड़क को दोबारा खोला जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!