

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शन का समर्थन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है। आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि लंबे उपवास के कारण उनका करीब 6 किलो वजन कम हो गया है।
डॉक्टर लगातार कर रहे हैं स्वास्थ्य की निगरानी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक कई दिनों से लगातार अनशन पर हैं। उनके अनुसार, वांगचुक पहले भी लंबे समय तक उपवास कर चुके हैं और मानसिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन इस बार लगातार भूख हड़ताल का असर उनके स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर नियमित रूप से उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कर रहे हैं। मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन
सोनम वांगचुक का कहना है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की है और देशभर के लोगों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील भी की है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि यदि सरकार जल्द कोई निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर
फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं। वहीं, लगातार जारी अनशन को देखते हुए समर्थकों और चिकित्सकों की नजर सोनम वांगचुक की सेहत पर बनी हुई है।










