मध्य प्रदेश : छतरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। नौगांव के तिवारी मोहल्ले में एक पिता ने अपने ही दो मासूम बच्चों को आग के हवाले करने की कोशिश की। समय रहते पड़ोसियों की सतर्कता से बच्चों की जान बच गई।

फोन पर सुनाई दी चीखें, धुएं ने खोला खौफनाक राज

जानकारी के मुताबिक घटना नौगांव क्षेत्र की है। आरोपी पिता बच्चों को किराए के मकान में लेकर गया था। इसी दौरान मां ने फोन किया तो बच्चों की चीखें सुनकर उसे कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। उधर पड़ोसियों ने कमरे से धुआं निकलता देखा और तुरंत मौके पर पहुंचे।दरवाजा तोड़कर जब लोग अंदर घुसे तो नजारा बेहद डरावना था। दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हुए मिले।

किराए के मकान में रह रहा था परिवार, निर्माणाधीन था खुद का घर

बताया जा रहा है कि आरोपी मूल रूप से टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह छतरपुर रोड पर किराए के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था और साथ ही नौगांव में अपना घर बनवा रहा था।

पत्नी मायके गई, तभी रची गई खौफनाक साजिश

घटना के समय पत्नी अपने मायके गई हुई थी। इसी बीच आरोपी अपने 8 साल के बेटे जय तिवारी और 6 साल की बेटी हर्षामणि को मकान में ले गया। शाम को फोन पर बच्चों की चीखें सुनकर मां घबरा गई। तभी पड़ोसियों की सतर्कता ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

पड़ोसियों की बहादुरी से बची जान, अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना के बाद दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि बच्चे गहरे सदमे में हैं और ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी पिता गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल इस सनसनीखेज मामले की जांच जारी है।

समाज के लिए चेतावनी: रिश्तों में बढ़ती क्रूरता पर सवाल

यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर पारिवारिक रिश्तों में इतनी क्रूरता क्यों बढ़ रही है। ऐसे मामलों में समय रहते सतर्कता और हस्तक्षेप ही जान बचा सकता है।

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