

सूरजपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग के जेडीएस कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और वेतन संबंधी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी प्रकोष्ठ संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर शासन “सुशासन तिहार” मना रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारी बेहद कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं।
संघ के अनुसार, जेडीएस कर्मचारियों को कलेक्टर दर के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों ने सुशासन तिहार शिविर में आवेदन प्रस्तुत कर अपनी मांग रखी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।प्रकोष्ठ संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. निलेश कुमार साहू ने बताया कि संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं सीएमएचओ द्वारा जारी आदेश के पालन को लेकर बीएमओ सूरजपुर के नाम आवेदन दिया गया था। उन्होंने शिविर के पंजीयन काउंटर में आवेदन जमा कर पावती भी प्राप्त की, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। डॉ. साहू ने कहा कि संघ की ओर से अब तक सैकड़ों आवेदन संबंधित अधिकारियों को दिए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी आवेदन पर ठोस जवाब या कार्रवाई नहीं मिली।
संघ ने कहा कि जेडीएस कर्मचारी लंबे समय से बेहद कम मानदेय पर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, जो एक मजदूर की दैनिक मजदूरी से भी कम है। कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि उन्हें कलेक्टर दर के अनुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका आर्थिक शोषण बंद हो सके।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।





















