भोपाल: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुन लिए गए हैं। उनके निर्विरोध निर्वाचन के बाद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विधानसभा पहुंचे और निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस दौरान बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।हरदीप पुरी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे दो उम्मीदवारों के नामांकन एक दिन पहले ही निरस्त कर दिए गए थे। जांच के दौरान जरूरी दस्तावेजों की कमी और प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं होने की बात सामने आई थी। यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?

मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हरदीप सिंह पुरी बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। फिलहाल वे केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने करीब 39 साल तक भारतीय विदेश सेवा में काम किया। वे 1974 बैच के IFS अधिकारी रहे हैं।अपने राजनयिक करियर के दौरान पुरी ने जिनेवा और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। इसके अलावा वे लंदन, टोक्यो और कोलंबो में भी राजनयिक पदों पर तैनात रहे।इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2 जनवरी 2014 को बीजेपी में शामिल हो गए। सितंबर 2017 में उन्हें पहली बार मोदी सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री के रूप में जगह मिली।

मध्य प्रदेश से पहले भी राज्यसभा पहुंचे हैं दूसरे राज्यों के नेता

हरदीप पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध जताया था। पार्टी ने प्रदेश के बाहर के नेता को उम्मीदवार बनाने पर सवाल उठाए थे। हालांकि, इससे पहले भी कई ऐसे नेता मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंच चुके हैं, जिनका मूल निवास दूसरे राज्यों में रहा है।

इनमें प्रमुख नाम हैं:

  • एल. मुरुगन: तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगन को 2021 के उपचुनाव में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। अप्रैल 2024 में वे दोबारा प्रदेश से उच्च सदन के सदस्य चुने गए।
  • जॉर्ज कुरियन: केरल के रहने वाले कुरियन को 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया।
  • तरुण चुघ: पंजाब निवासी बीजेपी नेता चुघ को जून 2026 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुना गया।
  • धर्मेंद्र प्रधान: ओडिशा के रहने वाले केंद्रीय मंत्री प्रधान को 2018 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था।
  • प्रकाश जावड़ेकर: महाराष्ट्र के निवासी जावड़ेकर 2014 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे थे।
  • ला. गणेशन: तमिलनाडु के बीजेपी नेता गणेशन को 2016 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुना गया था।

कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन हुआ खारिज

हरदीप सिंह पुरी के मुकाबले कांग्रेस ने निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को समर्थन दिया था। कांग्रेस विधायकों ने उनके नामांकन में प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर किए और पर्चा जमा कराया था। लेकिन जांच के दौरान जरूरी दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया।एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन भी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण खारिज कर दिया गया। दोनों नामांकन रद्द होने के बाद हरदीप पुरी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया।

नामांकन रद्द होने पर कोर्ट जाने की बात कह चुकी है कांग्रेस

कांग्रेस ने अपने समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन खारिज किए जाने पर आपत्ति जताई थी। पार्टी ने इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की बात कही थी। वहीं, नामांकन निरस्त होने के बाद हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।

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