
बलरामपुर: बलरामपुर जिले में अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के दौरान एक सरकारी शिक्षक के कथित रूप से अवैध तरीके से चिकित्सा कार्य करने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने दामोदरपुर में संचालित दो क्लिनिकों पर छापेमार कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक प्रदीप दास जो पूर्व माध्यमिक शाला लुरघुट्टा में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं, पर आरोप है कि वे स्कूल में शिक्षण कार्य और छुट्टी के बाद कथित तौर पर मरीजों का इलाज करते थे। बताया गया कि दोनों क्लिनिकों का संचालन वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर कर रहे थे।
छापेमार कार्रवाई के दौरान मौके से दवाइयां और चिकित्सा संबंधी उपकरण मिले। इनमें कुछ एक्सपायरी दवाइयां भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। टीम द्वारा क्लिनिक संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अनुमति मांगे जाने पर मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सकेइसके बाद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों क्लिनिकों में मौजूद सामग्री की जप्ती की कार्रवाई करते हुए क्लिनिकों को सील कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट के उल्लंघन के मामले में की गई है।
बताया जा रहा है कि जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद एक मासूम की मौत के मामले के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अवैध क्लिनिकों और बिना अनुमति चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। इसी अभियान के तहत दामोदरपुर में यह कार्रवाई की गई।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब सरकारी सेवा में पदस्थ शिक्षक द्वारा निजी तौर पर चिकित्सा कार्य किए जाने के मामले में संबंधित विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई किए जाने की भी संभावना है।



















