

Dharmendra Pradhan NEET Paper Leak Statement: नीट यूजी परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पिछली परीक्षा में जिन लोगों पर भरोसा किया गया था, उन्हीं में से कुछ ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ सिविल केस भी दर्ज किए जाएंगे और उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
'रक्षक ही भक्षक बन गए', शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछली परीक्षा में कुछ ऐसे शिक्षक और जिम्मेदार लोग सामने आए, जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन पर परीक्षा की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही व्यवस्था के लिए खतरा बन गए। सरकार ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बार पेपर तैयार करने की प्रक्रिया को बनाया गया पूरी तरह गोपनीय
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस बार सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित तरीके से प्रश्नपत्र तैयार करना था। इसके लिए विशेषज्ञों की अलग-अलग टीम बनाई गई और प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार किए गए। अंतिम समय तक किसी को भी यह जानकारी नहीं थी कि परीक्षा में कौन सा सेट इस्तेमाल होगा।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सभी विशेषज्ञों को पूरी प्रक्रिया के दौरान आइसोलेशन में रखा गया। उन्हें कई दिनों तक इंटरनेट और बाहरी संपर्क से पूरी तरह दूर रखा गया, ताकि किसी भी तरह की जानकारी बाहर न जा सके। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की कई स्तरों पर निगरानी भी की गई।
एयरफोर्स की मदद से पहुंचाए गए प्रश्नपत्र
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस बार प्रश्नपत्रों के परिवहन में भारतीय वायुसेना की सहायता ली गई। उन्होंने कहा कि एयरफोर्स की फील्ड कमांड ने इस जिम्मेदारी को पूरी सावधानी के साथ निभाया। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण से पहले मॉक ड्रिल भी कराई गई, ताकि किसी भी तरह की चूक की संभावना न रहे।
एनसीईआरटी के आधार पर तैयार किया गया प्रश्नपत्र
शिक्षा मंत्री के अनुसार, देशभर के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्र तैयार किया गया है। इसके लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम और मानकों को आधार बनाया गया, ताकि सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा निष्पक्ष और संतुलित रहे।
शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर देश की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ऐसे सभी तत्वों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे शिक्षा माफिया हों या कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग, यदि कोई भी परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई कर रही है पिछले मामले की जांच
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पहले हुए नीट पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य देश के विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखना और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा बनाए रखना है। इसी दिशा में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में और अधिक मजबूत बनाया गया है।





















