
लखनपुर/ प्रिंस सोनी: नगर में नवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह चरम पर है। मां दुर्गा के पंडालों में सुबह-शाम आरती, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। विभिन्न समितियों की ओर से भक्ति कार्यक्रमों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। वहीं, लखनपुर में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार अंबिकापुर के एक दिन बाद 21 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। इस अवसर पर मिनी साक्षरता स्टेडियम में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
आजादी से पहले शुरू हुई दुर्गा पूजा की परंपरा
लखनपुर के बाजारपारा में वर्ष 1944 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। आजादी से पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है। इसी तरह बस स्टैंड स्थित नवचेतना दुर्गा पूजा समिति वर्ष 1976 से मां दुर्गा की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करती आ रही है। दोनों स्थानों पर आकर्षक साज-सज्जा की गई है। नवचेतना दुर्गा पूजा समिति की ओर से रंगारंग भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।नगर के प्राचीन मां महामाया मंदिर में 400 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। वहीं, बाजारपारा स्थित मां भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं ने अपने नाम से 113 ज्योति कलश प्रज्वलित कराए हैं। पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों से पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।दशहरा उत्सव को लेकर पुलिस थाना के सामने स्थित मिनी साक्षरता स्टेडियम में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यहां स्थानीय कलाकारों द्वारा लगभग 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया जा रहा है।
समिति के सदस्य नरेंद्र पांडे और सुरेश साहू ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की स्तुति विशेष आकर्षण रहेगी। बाहर से आए कलाकार शाम 6 बजे से 7 बजे तक रामायण पर आधारित भगवान श्रीराम की स्तुति प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शाम 7:30 बजे मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में रावण दहन किया जाएगा।
राजघराने की परंपरा से जुड़ा है एक दिन बाद दशहरा
लखनपुर में अंबिकापुर के एक दिन बाद दशहरा मनाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। बताया जाता है कि राजाओं के समय लखनपुर के राजा दशहरा के दिन अंबिकापुर के राजघराने में सलामी देने जाया करते थे। इसी परंपरा के चलते लखनपुर में एक दिन बाद दशहरा मनाने की शुरुआत हुई, जो आज भी जारी है। इस वजह से दशहरा उत्सव के दौरान नगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों की भीड़ जुटती है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए बनाई गई योजना
दशहरा उत्सव के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए दुर्गा पूजा समिति और पुलिस के बीच बैठक आयोजित की गई। इसमें सुरक्षा, पार्किंग और वाहनों के आवागमन को लेकर चर्चा कर व्यवस्था तय की गई।जानकारी के अनुसार, सुमन पंप के पास और जुनाडी में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। चारपहिया वाहनों को जय दुर्गा राइस मिल से अस्पताल मार्ग होते हुए भरतपुर चौक की ओर निकाला जाएगा। वहीं, बड़ी गाड़ियों को कार्यक्रम के दौरान चार घंटे तक नवापारा और राजपुरी में रोका जाएगा, ताकि नगर में यातायात सुचारु बना रहे।दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और दुर्गा पूजा समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।




















