
रायपुर: प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में वर्षा का दौर बढ़ने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को अचानक तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गुरुवार को राजधानी रायपुर में दिनभर उमस और गर्मी का असर बना रहा। यहां अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक है। बारिश के बावजूद तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण लोगों को उमस से राहत नहीं मिल सकी। रायपुर में दिन के दौरान 1.6 मिमी और शाम तक कुल 31.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक रहा। हालांकि यहां न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है।बारिश की बात करें तो अंबिकापुर में 2.8 मिमी, जगदलपुर में 7.1 मिमी और बिलासपुर में 6.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं पखांजूर में सबसे ज्यादा 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश
पखांजूर में 50 मिमी, सोनहत और मालखरौदा में 40-40 मिमी, जबकि बिहारपुर, भोपालपट्टनम, जाभरा और सूरजपुर में 30-30 मिमी बारिश हुई। रघुनाथनगर, चांदो, बास्तानार, प्रेमनगर, बलरामपुर, बकावंड और दोंडाकोचली में 20-20 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की है।




















