

शासकीय कर्मचारियों से लेकर न्यायालयीन कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को हो रही दिक्कत, राजपुर-बलरामपुर मार्ग की बदहाल स्थिति भी बनी बड़ी समस्या
अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। बलरामपुर–चांदो–सामरी मार्ग के कंठीघाट क्षेत्र में बारिश के कारण सड़क कटाव और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा यात्री बसों के आवागमन पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से रोक लगाए जाने के बाद इसका सबसे अधिक प्रभाव कुसमी क्षेत्र के आम नागरिकों पर पड़ रहा है। प्रशासन का यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन कंठीघाट मार्ग बंद होने से कुसमीवासियों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
कुसमी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बलरामपुर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कुसमी से कंठीघाट होते हुए बलरामपुर का मार्ग सबसे नजदीकी और सुविधाजनक रास्ता है। कंठीघाट मार्ग पर यात्री बसों का आवागमन बंद होने से रोजाना बलरामपुर आने-जाने वाले लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो बलरामपुर सहित जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में शासकीय सेवा दे रहे हैं और उन्हें प्रतिदिन समय पर अपने कार्यस्थल पहुंचना आवश्यक होता है।
शासकीय कर्मचारियों के सामने भी बढ़ी परेशानी..
कंठीघाट मार्ग से यात्री बसों का संचालन बंद होने के कारण कुसमी से बलरामपुर आने-जाने वाले शासकीय कर्मचारियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैकल्पिक मार्ग से दूरी अधिक होने के कारण उन्हें अतिरिक्त समय और आर्थिक खर्च का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में लंबी दूरी तय करने से समय पर कार्यालय पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
जिला एवं सत्र न्यायालय, बलरामपुर-रामानुजगंज जाने वालों की बढ़ी मुश्किलें..
कुसमी क्षेत्र के ऐसे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें जिला एवं सत्र न्यायालय, बलरामपुर-रामानुजगंज में न्यायालयीन कार्यों के लिए निर्धारित समय पर उपस्थित होना पड़ता है। कंठीघाट मार्ग बंद होने के बाद राजपुर होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग अधिक लंबा होने के कारण समय पर न्यायालय पहुंच पाना कई लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। इससे अधिवक्ताओं, पक्षकारों और अन्य न्यायालयीन कार्यों से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं तथा उनके महत्वपूर्ण न्यायालयीन कार्य भी प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।
राजपुर-बलरामपुर मार्ग की खराब स्थिति भी बनी चिंता..
कंठीघाट मार्ग बंद होने के बाद कुसमी से बलरामपुर पहुंचने के लिए राजपुर होकर जाने वाले मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, लेकिन क्षेत्रवासियों के अनुसार राजपुर से बलरामपुर के बीच सड़क की स्थिति भी कई स्थानों पर बेहद खराब है। बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति के कारण इस मार्ग से समय पर और सुरक्षित सफर कर पाना आम लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में कंठीघाट मार्ग पर यात्री बसों के प्रतिबंध ने कुसमी क्षेत्र के लोगों की आवागमन संबंधी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
सबाग-चटनीया मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में शुरू करने की मांग..
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कंठीघाट मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाए जाने के साथ-साथ सबाग-चटनीया मार्ग को वैकल्पिक यातायात मार्ग के रूप में शुरू करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
जानकारी के अनुसार सबाग-चटनीया मार्ग नावार्ड से सहायता प्राप्त ग्रामीण अंघोसंरचना विकास राशि से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत 9 करोड़ 54 लाख 41 हजार रूपये की लागत से निर्मित महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। ऐसे में कंठीघाट मार्ग के प्रतिबंधित रहने की अवधि तक इस मार्ग की स्थिति का प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर परीक्षण कर, यदि मार्ग यात्री बसों के संचालन के लिए उपयुक्त पाया जाता है, तो आवश्यक व्यवस्था करते हुए यहां से यात्री बसों का आवागमन शुरू किया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि चांदो-कंठीघाट मार्ग के प्रतिबंधित रहने की अवधि तक सबाग-चटनीया मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में यातायात के लिए उपलब्ध कराया जाता है, तो कुसमी क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। इससे शासकीय कर्मचारियों को समय पर अपने कार्यालय पहुंचने तथा जिला एवं सत्र न्यायालय, बलरामपुर-रामानुजगंज सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
प्रशासन से जनहित में तत्काल निर्णय लेने की अपील..
चर्चाए हैं की कंठीघाट मार्ग पर प्रशासन द्वारा लगाया गया प्रतिबंध सुरक्षा की दृष्टि से उचित है और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक भी है। लेकिन प्रतिबंध की अवधि में आम लोगों के आवागमन को पूरी तरह प्रभावित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ऐसे में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि सबाग-चटनीया मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और आवश्यक सुधार के बाद कंठीघाट मार्ग के प्रतिबंधित रहने तक इस मार्ग से यात्री बसों के संचालन की अनुमति देने पर जनहित में विचार किया जाए। इससे कुसमीवासियों को राहत मिलने के साथ-साथ क्षेत्र की शासकीय, न्यायालयीन और दैनिक आवश्यक गतिविधियां भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।
कलेक्टर ने कहा, बड़ा हादसा हो सकता था, आरटीओ को सबाग-चटनीया मार्ग देखने के निर्देश..
बलरामपुर -रामानुजगंज कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि कंठीघाट मार्ग पर बसों और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है, क्योंकि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। वर्तमान में राजपुर होकर आवागमन ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि सबाग-चटनीया मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कराने के लिए आरटीओ को निर्देशित किया जाएगा।











