
लखनपुर/ प्रिंस सोनी: नगर पंचायत लखनपुर के वार्ड क्रमांक 12 में नाली निर्माण और उसके ऊपर किए गए स्लैब ढलाई कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्डवासियों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगाते हुए नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं वार्ड पार्षद रमेश जायसवाल ने भी मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण की मांग की है।
वार्डवासियों का आरोप है कि नाली के ऊपर करीब चार से पांच दिन पहले ही स्लैब की ढलाई की गई थी, लेकिन इतने कम समय में ही स्लैब जगह-जगह से उखड़ने लगा है। इससे निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्लैब की स्थिति इतनी जल्दी खराब हो रही है तो नाली के निर्माण की गुणवत्ता भी जांच का विषय है।
पार्षद ने भुगतान रोकने की उठाई मांग
वार्ड पार्षद रमेश जायसवाल ने निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक निर्माण की गुणवत्ता की जांच नहीं हो जाती, तब तक संबंधित कार्य का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा यदि निर्माण में खामियां मिलती हैं तो उसे दोबारा कराने की मांग की है।
वार्डवासियों का कहना है कि नाली के ऊपर स्लैब उखड़ने से आवागमन में भी परेशानी हो रही है। आने-जाने वाले लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
नगर पंचायत और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल
कम समय में स्लैब के उखड़ने की शिकायत के बाद अब निर्माण एजेंसी, संबंधित ठेकेदार और नगर पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि निर्माण में वास्तव में किस स्तर पर लापरवाही हुई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन वार्डवासियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराता है या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि जांच में खामी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है और क्षतिग्रस्त स्लैब का पुनर्निर्माण कब तक कराया जाता है।




















